यादों, संवेदनाओं और जीवन के अनकहे पलोंका सजीव कहानी संग्रह
सुमनतिवारी की पहली कहानी पुस्तक “यह उन दिनों की बात है” को साहित्य स्पर्श अवार्ड्स 2026 में सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पुस्तक की संवेदनशील विषयवस्तु, सहज भाषा और मानवीय भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए दिया गया है। यह कहानी संग्रह पाठकों को उन छोटे-छोटे अनुभवों से जोड़ता है, जो जीवन को गहराई से समझने का अवसर देते हैं। पुस्तक यह सिद्ध करती है कि साधारण दिखने वाले क्षण ही अक्सर सबसे असाधारण कहानियों को जन्म देते हैं।
जीवन के अनमोल अनुभवों को शब्दों में पिरोती कहानियाँ
“यह उन दिनों की बात है” केवल कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि यादों, रिश्तों और जीवन के अनमोल अनुभवों का दस्तावेज़ है। इस संग्रह की प्रत्येक कहानी रोज़मर्रा के जीवन से जन्म लेती है और पाठकों को अपने ही अनुभवों से जोड़ने का प्रयास करती है।
इन कहानियों में किसी बड़े नाटकीय घटनाक्रम की बजाय जीवन के छोटे-छोटे पल, मानवीय संवेदनाएँ और रिश्तों की गर्माहट प्रमुखता से दिखाई देती है। ग्रामीण परिवेश, सामाजिक बदलाव, संघर्ष, सादगी और उम्मीद जैसे विषय बेहद स्वाभाविक रूप से कहानी का हिस्सा बनते हैं।
साधारण जीवन की असाधारण कहानियाँ
मानवीय भावनाओं का सशक्त चित्रण
इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सहजता है। सुमन तिवारी ने आम लोगों के जीवन में छिपी उन भावनाओं को शब्द दिए हैं, जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। उनकी कहानियाँ पाठकों को यह महसूस कराती हैं कि हर व्यक्ति के जीवन में एक ऐसी कहानी होती है, जो सुने जाने योग्य है।
सरल भाषा और प्रभावशाली प्रस्तुति के कारण यह संग्रह हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए आकर्षक बन जाता है।
अतीत से वर्तमान तक की भावनात्मक यात्रा
यह पुस्तक केवल बीते समय को याद नहीं करती, बल्कि उन यादों के माध्यम से वर्तमान जीवन को समझने का अवसर भी देती है। प्रत्येक कहानी पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है और यह एहसास कराती है कि जीवन की सबसे सुंदर सीख अक्सर साधारण अनुभवों से ही मिलती है।
लेखिका के बारे में
सुमन तिवारी
सुमन तिवारी झारखंड के धनबाद की रहने वाली हैं। उन्होंने लगभग आठ वर्षों तक एक प्राथमिक विद्यालय की स्थापना और संचालन किया तथा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान उन्होंने झारखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर आदिवासी बच्चों को समर्पित भाव से शिक्षा प्रदान की। उनके लिए शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम रही है।
लेखन उनके लिए जीवन को समझने और महसूस करने की एक संवेदनशील प्रक्रिया है। वे अपने आसपास की छोटी-छोटी घटनाओं, रिश्तों और मानवीय अनुभवों से अपनी कहानियों की प्रेरणा प्राप्त करती हैं। वर्तमान में वे एक कविता संग्रह तथा एक अन्य कहानी संग्रह पर कार्य कर रही हैं, जो शीघ्र ही पाठकों के बीच आएंगे।
निष्कर्ष
“यह उन दिनों की बात है” एक ऐसा कहानी संग्रह है जो पाठकों को भावनाओं, यादों और जीवन के वास्तविक अनुभवों से जोड़ता है। साहित्य स्पर्श अवार्ड्स 2026 में सम्मानित यह पुस्तक संवेदनशील लेखन, सहज अभिव्यक्ति और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यदि आप ऐसी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं जो दिल को छू जाएँ और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करें, तो सुमन तिवारी की “यह उन दिनों की बात है” आपके पुस्तक संग्रह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अवश्य होनी चाहिए।
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